बकरी तस्करी के आरोप में कथित कांग्रेसी नेता गया जेल , जप्त बकरियां पुलिस के लिये बनी सिरदर्द
बालोद , 26-02-2022 2:20:27 AM
बालोद 25 फरवरी 2022 - आपने बस में लोगों को यात्रा करते देखा होगा... यात्रियों को अपना सामान भी बस में लादते देखा होगा... या फिर ज्यादा से कुछ बंडल सामान व्यापारियों के भी बस की छत पर लदे देखे होंगे। लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि बस की डिक्की के भीतर कोई बकरों को भरकर ले जा सकता है। वह भी एक.. दो नहीं बल्कि छोटी बस की छोटी सी डिक्की में आठ बकरियां... जी हां जब डौंडी थाने की पुलिस ने एक बस की डिक्की को खुलवा कर देखा तो वे भी उतने ही हैरान रह गए.. जिता इस समय आप ये सुनकर हैरान हो रहे हैं। और ये काम कर रहे थे एक माननीय नेताजी... जी हां ये बकरियां कांग्रेस नेता गौरी शंकर पिपरे की थीं। नेताजी खुद भी बस के पीछे एक मोटरसाइकिल में बकरी लादे आ रहे थे।
बता दे की गौरी शंकर पिपरे खुद को कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जनजाति विभाग के बालोद जिला मीडिया प्रभारी बताते हैं। पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से उन्हें बस व ट्रकों में बकरे और बकरियों को बेदर्दी से भरकर बाहर ले जाने की मुखबिर से सूचना मिल रही थी। लेकिन इस बार पुख्ता सूचना के आधार पर डौंडी के मथाई चौक से मोटरसाइकिल और दुर्गा चौक से एक बस को जब पुलिस ने रोककर चेक किया तो बस की डिक्की से एक-एक करके 08 बकरे और बकरियां निकलीं। वहीं बस के पीछे पीछे एक मोटरसाइकिल में गलत तरीके से एक बकरे ले जा रहे गौरीशंकर पिपरा को भी पकड़ा गया। बस और मोटरसाइकिल सहित उनहें डौंडी थाने लाया गया। जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 च, (ढ) के तहत पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने उक्त नेताजी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
बाहरहाल कांग्रेसी नेता को जेल दाखिल किए जाने के बाद हिरासत में रखी गई बकरियां पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। जब तक बकरियों के मालिक कांग्रेसी नेता की जमानत और बकरियों की सुपुर्दगी के लिए न्यायालय में आवेदन पेश नहीं किया जाता, तब तक बकरियों के रख रखाव और चारे और पानी की जिम्मेदारी डौंडी पुलिस के सिर आ पड़ी है। अब देखने वाली बात ये होगी कि कब तक इन बकरे - बकरियों को पुलिस हिरासत से आजादी मिल पाती है।
















