एक सप्ताह आगे खिसकी ठंड , इस साल गर्मी भी पड़ेगी ज्यादा दिन सहनी , पढ़े पूरा अपडेट
मध्य प्रदेश , 23-02-2022 5:45:33 PM
भोपाल 23 फरवरी 2022 - बीते कुछ सालों में मौसम में आया परिवर्तन लोगों को हैरान कर रहा है। अक्टूबर- नवंबर तक बारिश हो रही है तो ठंड का असर फरवरी के आखिर तक देखने को मिल रहा है। ऐसे ही गर्मी भी जुलाई तक अपना असर दिखा रही है। यही वजह है कि तीन महीने ठंड का मौसम इस साल एक हफ्ता आगे खिसक गया है। इसका असर शीतल दिन या शीत लहर के दिनों पर भी प़ड़ा है। पहले जहां शीतल व शीत लहर वाले दिन महीने में पांच या छह होते थे, वो अब बढ़कर 14 से 16 हो गए हैं। ऐसे में गर्मी भी ज्यादा दिन प़ड़ने के आसार हैं।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि सभी मौसम एक हफ्ता आगे खिसक गए हैं। इसका कारण ग्लोबल वार्मिंग भी है। कुछ साल पहले जहां नवंबर के अंत से ठंड की शुरुआत हो जाती थी और दिसंबर-जनवरी में चरम पर पहुंच जाती थी, वही ठंड अब दिसंबर - जनवरी में पड़ रही है। अभी पूरा फरवरी महीना इसी तरह हल्की ठंड में निकलेगा। इसके बाद मार्च से गर्मी की शुरुआत होगी। उनका कहना है कि जिस तरह ठंड के मौसम में शीतल दिन, तीव्र शीतल दिन ज्यादा थे, उसी तरह इस साल गर्मी के मौसम में गर्मी के दिन भी ज्यादा रहेंगे। गर्मी के दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। बीते सालों में ऐसे दिन महीने में चार-पांच होते थे, तो इस साल ऐसे दिन 10 तक होने के आसार हैं। लोगों को ज्यादा दिनों तक गर्मी झेलनी पड़ेगी।
इस तरह आगे बढ़ी ठंड
दिसंबर 2020 में केवल तीन दिन 23, 30, 31 दिसंबर को शील लहर थी, जबकि दिसंबर 2021 में नौ दिन शीत लहर वाले रहे। इसमें चार शीतल दिन भी शामिल थे। जनवरी 2021 में शीत लहर वाले दिन 12 थे। वहीं जनवरी 2022 में ये बढ़कर 16 हो गए। इनमें से आठ दिन शीतल रहे। इन शीत लहरों का प्रभाव जनवरी 2021 में जहां मध्य प्रदेश के अधिकतम 19 स्टेशनों पर पड़ा, वहीं जनवरी 22 में यह 25 स्टेशनों तक पहुंच गया। यानी इस साल पूरा मध्य प्रदेश शीत लहर व शीतल दिन से प्रभावित हुआ। वहीं फरवरी 2021 में छह दिन शीत लहर रही उसी तरह फरवरी 2022 में भी छह दिन ही शीत लहर रही है, फर्क सिर्फ इतना था कि पिछले साल यानी 2021 में यह फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू हो गई थी, जबकि फरवरी 2022 में दूसरे सप्ताह में शुरू हुई। इस तरह ठंड के दिन एक हफ्ते आगे खिसक गए। यही वजह है कि मौसम विज्ञानी पूरे फरवरी महीने ठंड बनी रहने की बात कह रहे हैं।
इस बारे में मौसम विज्ञानी ममता यादव का कहना है की अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार ग्रीष्म लहर वाले दिन भी ज्यादा पड़ सकते हैं। हालांकि हमारे यहां बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की वजह से बनने वाले सिस्टम के असर से ग्रीष्म लहर का असर कम भी हो जाता है। जैसे अगर तापमान 45 डिग्री से. जाता है तो इन सिस्टम की वजह से 43 डिग्री से. तक हो जाएगा।

















