मानसून को लेकर मौसम एजेंसी स्काईमेट का पूर्वानुमान , पिछले साल जैसी नहीं होगी इस साल बारिश
मौसम , 22-02-2022 1:57:52 PM
नई दिल्ली 22 फरवरी 2022 - भारत की प्रमुख मौसम एजेंसी स्काईमेट ने 2022 के शुरुआती मानसून का अनुमान लगाया है। स्काईमेट ने बताया कि बीते दो सालों के मुकाबले 2022 का मानसून सामान्य रहेगा। इसकी रिपोर्ट एजेंसी अप्रैल में मौसम के मिजाज को देखते हुए जारी करेगी।
सामान्य हो सकती है 2022 में मानसून की स्थिति
मानसून सीजन कैसा रहेगा, यह ला नीना घटनाओं से तय होता है। पिछले 2 मानसून सीजन में एक के बाद एक कई ला नीना घटनाएं हुईं, जिनके कारण देशभर में मानसून असामान्य रहा। स्काईमेट के मुताबिक ला नीना घटनाएं अब कम होने लगी हैं। इसका सीधा असर इस साल मानसून पर पड़ेगा।
पूरे भारत में चार महीनों के दौरान औसत 880.6 मिलीमीटर बारिश होती है, जिसे लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) कहते हैं। स्काईमेट इसे ही औसत मानकर चलती है। यानी बारिश का यह आंकड़ा 100% माना जाता है। इस साल 907 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है। 2021 में मानसून के दौरान 177.7 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य से 43.54% ज्यादा है। 2020 में देश में 124.8 मिमी बारिश हुई थी। यह सामान्य से 0.64% ज्यादा थी।
भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर क्षेत्र की सतह पर हवा के दबाव से ये स्थिति पैदा होती है। इसकी उत्पत्ति के अलग-अलग कारण माने जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण तब पैदा होता है, जब ट्रेड विंड (पूर्व से बहने वाली हवा) काफी तेज गति से बहती हैं। इससे समुद्री सतह का तापमान काफी कम हो जाता है। इसका सीधा असर दुनियाभर के तापमान पर होता है और तापमान औसत से अधिक ठंडा हो जाता है।
अल नीनो जलवायु प्रणाली का एक हिस्सा है। यह मौसम पर बहुत गहरा असर डालता है। इसके आने से दुनियाभर के मौसम पर प्रभाव दिखता है और बारिश, ठंड, गर्मी सब में अंतर दिखाई देता है। राहत की बात ये है कि ये दोनों ही हालात हर साल नहीं, बल्कि 3 से 7 साल में दिखते हैं। अल नीनो के दौरान, मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सतह का पानी असामान्य रूप से गर्म होता है। पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली हवाएं कमजोर पड़ती हैं और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में रहने वाला गर्म सतह वाला पानी भूमध्य रेखा के साथ पूर्व की ओर बढ़ने लगता है। इस प्रक्रिया को समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र (जैविक, भौतिक तथा रासायनिक) के विकास में सहायक (असिस्टेंट) कहा जाता है।
स्काईमेट भारतीय मौसम संबंधी भविष्यवाणी करने और वर्तमान मौसम बताने वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 2003 में हुई थी। स्काईमेट भारत की सबसे बड़ी मौसम और कृषि जोखिम पर निगरानी रखने वाली कंपनी है। इसमें कृषि के लिए जलवायु जोखिम को मापने, भविष्यवाणी करने की विशेषज्ञता है। स्काईमेट साल 2012 से ही मानसून की भविष्यवाणी कर रहा है, लेकिन 2020 में राजनीतिक कारणों से इसे रोक दिया गया था। अब दोबारा से यह कार्य करने लगा है।
















