नई दिल्ली 01 अगस्त 2026 - आज यानी 1 अगस्त 2026 से आपकी जेब, बैंकिंग, रेलवे और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। सबसे बड़ी राहत Commercial LPG Cylinder की कीमत में करीब 200 रुपए तक की कटौती है। वहीं रेलवे ने Tatkal Ticket Booking के लिए नया Token System शुरू कर दिया है। इसके अलावा CKYC 2.0 Upgrade लागू हो गया है, जिससे बैंक, बीमा और Mutual Fund में बार-बार KYC कराने की जरूरत कम होगी।
अगस्त में Reserve Bank of India (RBI) की Monetary Policy Committee (MPC) की बैठक भी होने जा रही है। 5 अगस्त को Repo Rate पर फैसला आएगा, जिसका असर Home Loan EMI, Personal Loan और Fixed Deposit (FD) की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। वहीं Credit Card Billing Rules में बदलाव से लाखों ग्राहकों को भी राहत मिलेगी।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले Commercial LPG Cylinder की कीमतों में औसतन 180 से 200 रुपए तक की कटौती की है। दिल्ली में सिलेंडर 2930 रुपए से घटकर 2738 रुपए हो गया है। हालांकि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस कटौती का सबसे ज्यादा फायदा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और छोटे कारोबारियों को मिलेगा। कारोबारियों की लागत घटने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की कुछ चीजें भी सस्ती हो सकती हैं।
भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त से PRS Reservation Counters पर भीड़ कम करने के लिए नया Token-Based System लागू कर दिया है। अब काउंटर से तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों को पहले टोकन लेना होगा। टोकन मिलने के बाद निर्धारित समय पर काउंटर पर पहुंचकर टिकट बुक कराया जा सकेगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य लंबी लाइनें कम करना, यात्रियों का Waiting Time घटाना और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इससे काउंटरों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
RBI की Monetary Policy Committee (MPC) की बैठक 3 से 5 अगस्त तक होगी। बैठक के बाद 5 अगस्त को Repo Rate पर फैसला घोषित किया जाएगा। फिलहाल ब्याज दरों में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। अगर Repo Rate में बदलाव होता है तो उसका सीधा असर Home Loan, Car Loan, Personal Loan की EMI और Fixed Deposit (FD) पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ेगा। बैंक आगे चलकर अपनी लोन और जमा योजनाओं की ब्याज दरों में भी बदलाव कर सकते हैं।
01 अगस्त से Central KYC (CKYC) 2.0 का अपग्रेडेड सिस्टम लागू होना शुरू हो गया है। अब यदि किसी ग्राहक ने पहले से KYC कराई है और वह अनुमति देता है, तो बैंक, बीमा कंपनियां, Mutual Fund और Stock Market से जुड़े संस्थान एक ही सरकारी डेटाबेस से उसकी KYC जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे हर नई संस्था में बार-बार आधार, पैन और एड्रेस प्रूफ जैसे दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही डेटा सिक्योरिटी मजबूत होगी, रिकॉर्ड अधिक सटीक रहेंगे और Fraud पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
RBI ने Credit Card Billing से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार यदि कोई ग्राहक पूरा Credit Card Bill जमा नहीं कर पाता है, तो बचे हुए बकाया पर ब्याज की गणना करते समय Penalty, Convenience Fee और Tax को मूल Outstanding Amount में शामिल नहीं किया जाएगा। इस बदलाव से ग्राहकों पर ब्याज का बोझ कम होगा। साथ ही Hidden Charges और मनमानी Penalty पर भी लगाम लगेगी, जिससे Credit Card Billing पहले के मुकाबले ज्यादा Transparent हो जाएगी।









