जांजगीर चाम्पा 03 सितंबर 2026 - छत्तीसगढ़ के जांजगीर चाम्पा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी के प्राचार्य और एक लिपिक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने स्कूल के ही बाबू से वेतन वृद्धि के एरियर की राशि निकालने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
आरोपियों की पहचान अंजुलता सोनी, प्राचार्य और विकास मसीह, लिपिक के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही स्कूल में पदस्थ बाबू मनीष राठौर से करीब 80 हजार रुपये के वेतन वृद्धि एरियर का भुगतान कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी। बताया जा रहा है कि मनीष राठौर को वेतन वृद्धि के एरियर के रूप में करीब 80 हजार रुपये की राशि मिलनी थी। इस राशि को निकलवाने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्राचार्य और लिपिक द्वारा उससे रिश्वत की मांग की गई।
रिश्वत मांगे जाने से परेशान मनीष ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने आरोपों की पुष्टि की और दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की। इसके बाद शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ आरोपियों के पास भेजा गया। 10 हजार लेते ही ACB ने दबोचा ACB की टीम द्वारा तय योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने आरोपियों को 10 हजार रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही दोनों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर प्राचार्य अंजुलता सोनी और लिपिक विकास मसीह को रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच भी की जा रही है। इस कार्रवाई में कुल 13 अधिकारियों की विशेष टीम शामिल रही। ACB अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।













