जांजगीर चाम्पा , पत्नी की हत्या करने के बाद दाह संस्कार करने जा रहा था पति , पुलिस के पास आया एक फोन और हुआ सनसनी खेज खुलासा
जांजगीर चाम्पा , 07-03-2021 1:11:19 PM
जांजगीर चांपा 07 मार्च 2021 - एस पी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दिनांक 04.03.2021 को सूचनाकर्ता प्रकाश जांगड़े निवासी छोटे खैरा थाना सारंगढ़ जिला रायगढ़ का सूचना दिया कि उसकी बुआ गोली बाई उर्फ रुकमणी उम्र 55 वर्ष अपने पति महावीर बंजारे के साथ सिंगरौली दूधिचुआ कोलफिल्ड के क्वार्टर में रहते थे गोली बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और उसका पति महावीर बंजारे शव का कफन दफन क्रिया कर्म करने के
लिए शव को वाहन से लेकर कनकपुर थाना बम्हनीडीह जिला जांजगीर चांपा ला रहा है।
सूचना से वरिष्ठ अधिकारी पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा श्रीमती पारुल माथुर एवं अनुविभागीय अधिकारी चापा श्रीमती पद्मश्री तंवर को अवगत करा कर प्रकरण में उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर बिना नंबरी मर्ग धारा 174 जा.फौ. का पंजीबद्ध किया जाकर शव को वाहन सहित बम्हनीडीह में रोका गया और शव को गाड़ी से उतरवा कर जांच पंचनामा कार्यवाही मृतिका के मायके पक्ष एवं ससुराल पक्ष के लोगों के समक्ष किया गया तथा डॉक्टरों की टीम से मृतका गोली बाई के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
जांच पंचनामा कार्यवाही एवं पीएम रिपोर्ट प्राप्त होने पर मृतिका की मृत्यु गला दबाकर हत्या करना पाया गया वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार प्रकरण में बिना नंबरी हत्या का अपराध धारा 302,201 भादवि का पंजीबद्ध किया जाकर प्रारंभिक विवेचना किया गया जिसमें पाया गया कि आरोपी महावीर बंजारे पिता बंजारे उम्र 56 साल निवासी ग्राम कनकपुर हाल क्वार्टर नंबर एमक्यू 526 दूधिचुआ चौकी जयंत थाना विध्यनगर सिंगरौली में अपनी पत्नी के साथ क्वार्टर में रहता था जो किन्ही कारणों से अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दिया और साक्ष्य को छुपाने के लिए बीमारी से मरना बताकर अपने गृह ग्राम कनकपुर थाना बम्हनीडीह क्षेत्र ला कर क्रियाकर्म करने की तैयारी कर चुका था जिसको पकड़कर विवेचना कार्यवाही पूरी कर सिंगरौली पुलिस के सुपुर्द किया गया।
उक्त कार्यवाही में बम्हनीडीह के थाना प्रभारी निरीक्षक रामकुमार तोड़े , सहायक उप निरीक्षक भगवान सिंह राज प्रधान , आरक्षक 306 धरनीधर देवांगन , आरक्षक 307 मनीराम यादव , आरक्षक 832 नंदकुमार दरवेश , आरक्षक हिरेन्द्र राजपूत , आरक्षक 667 रामकुमार कंवर , आरक्षक 828 लव कुमार मांझी और आरक्षक 358 कार्तिक कंवर का विशेष योगदान रहा

















