अंतिम संस्कार के लिए चिता सज चुकी थी आग लग पाती उससे पहले जिंदा हो गया मृत युवक
मध्य प्रदेश , 31-05-2023 1:50:37 AM
मुरैना 30 मई 2023 - मुरैना में एक अनूठा वाकया सामने आया है। यहां शख्स को मृत समझकर अंतिम संस्कार के लिए शमशान ले जाया गया, लेकिन चिता पर रखने से पहले वह जिंदा मिला।
बता दें कि लंबे समय से बीमार चल रहा युवक बेसुध हो गया। उसे मृतक समझकर स्वजन व नाते-रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए श्मशान तक ले गए। श्मशान में चिता बना ली, जिस पर मृतक को रखने से पहले एक बृजुर्ग ने उसका हाथ पकड़ा तो चिल्लाकर बोला कि इसकी तो सांस चल रही है। इसके बाद आनन फानन में बेसुध युवक को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे ग्वालियर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। यह हैरतअंगेज मामला सोमवार की सुबह मुरैना शहर में सामने आया है।
मिली जानकारी के अनुसार वार्ड 47 निवासी बच्चूलाल प्रजापति के 32 साल का बेटा जितेंद्र उर्फ जीतू प्रजापति लंबे समय से बीमार चल रहा था। जीतू को किडनी की बीमारी थी और इसी बीच वह गंभीर पीलिया से ग्रसित हो गया था। सोमवार की सुबह जीतू अपने बिस्तर पर बेसुध हो गया। जीतू के शरीर में लंबे समय तक कोई हलचल नहीं हुई, स्वजन व आस पड़ोस के लोगों ने जीतू को मृत समझ लिया।
करीब दो घंटे बाद जीतू के शव को अंतिम संस्कार के लिए जौरी स्थित मुक्तिधाम में लाया गया। जीतू के अंतिम संस्कार के लिए चिता बन चुकी थी। अंतिम संस्कार से पहले शव को नहलाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान एक बुजुर्ग ने जीतू का हाथ पकड़ा तो उसे नब्ज चलने का अहसास हुआ। तत्काल ही शव को जमीन पर रखा गया और श्मशान में ही एक डाक्टर को ECG मशीन के साथ बुलाया गया।
श्मशान में हुई ECG जांच में भी दिल की धड़कने चलना बताया, इसके बाद जीतू को होश में लाने के लिए कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया गया, लेकिन बेसुध शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। गाड़ी से ही जीतू को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टर ने भी जीतू की सांसे चलना बताकर उसकी नाजुक हालत बताकर ग्वालियर रेफर कर दिया गया।यह पता लगते ही जीतू के घर में जहां रुदन मचा था, वहां उसके जीवित होने की आस ने मातम के माहौल को उम्मीदभरी खुशी में बदल दिया।
इस मामले में मुरैना के CMHO डा. राकेश शर्मा का कहना है कि जानकारी मिली है कि एक युवक को मृत समझकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान लाया गया था, वहां उसकी नब्ज चलने का पता चला। अस्पताल से उक्त युवक को ग्वालियर मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। कई बार होता है कि बीमार व्यक्ति इतनी गहरी बेहोशी में चला जाता है, कि उसके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, लेकिन वह मृत नहीं होता। यह मामला भी ऐसा ही है।
















