फर्जी वृद्धाश्रम का पर्दाफाश , सौ सौ रुपये में लाते थे दिहाड़ी मजदूर , अब तक शासन से ले चुके है इतने लाख का अनुदान
मध्य प्रदेश , 14-08-2021 6:38:43 PM
बड़वानी 14 अगस्त 2021 - कोरोनाकाल में जहां एक ओर लोग पीड़ित वंचित शोषित वर्ग के लिए अपना तन-मन-धन समर्पित कर सेवा कार्य में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी समाज में मौजूद हैं जो वंचित-शोषित और निराश्रित वृद्धों के नाम से अपना पेट भर रहे हैं। शुक्रवार को ऐसा मामला शहर में सामने आया। एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन की टीम ने एक फर्जी वृद्धाश्रम को पकड़ा है। इसमें खानापूर्ति के लिए महिलाओं को 100 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देकर रखा जाता था।
कार्रवाई में यह बात सामने आई है कि फर्जी वृद्धाश्रम शासन से अनुदान प्राप्त करने के लिए कागजों पर ही संचालित हो रहा था। खानापूर्ति के लिए मोहल्ले की महिलाओं को रुपये देकर बुलाया जाता था और फर्जी कर्मचारी नियुक्त किए थे। कलेक्टर के निर्देशन में एसडीएम घनश्याम धनगर सहित पुलिस बल ने फर्जी वृद्धाश्रम का पर्दाफाश किया। अधिकारियों ने शहर के नवलपुरा स्थित उज्जवल मेडिकल फाउंडेशन कपड़ना महाराष्ट्र ने वृंदावन मां वृद्धाश्रम में औचक निरीक्षण किया। इसके बाद फर्जीवाड़ा सामने आया। कार्रवाई के दौरान मौके पर जांच दल में उपसंचालक सामाजिक न्याय निशक्तजन कल्याण आरएस गुंडिया, मुख्य नगरपालिका अधिकारी कुशल सिंह डोडवे, आरआई हीरालाल आस्के सहित पुलिस बल मौजूद था। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि संस्था के निरीक्षण के दौरान मौके पर मात्र दो महिलाएं वृद्ध के रूप में पाई गई। उनसे जानकारी लेने पर पता चला कि उन्हें 100 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देकर यहां लाया जाता है। वहीं वृद्धाश्रम के रिकार्ड में 50 वृद्ध महिलाएं दर्ज पाई गई।
वृद्धाश्रम में मौजूद वृद्ध महिला निर्मला बाई और सेवंती बाई ने अधिकारियों को बताया कि वो नवलपुरा मोहल्ले की निवासी हैं। प्रतिदिन सुबह नौ बजे घर से खाना खाकर वृद्धाश्रम में आती हैं और शाम पांच बजे वापस चली जाती हैं। इस कार्य में मोहल्ले की आठ-दस महिलाएं जुड़ी हैं। सभी महिलाओं को अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं।
वृद्धाश्रम में किचन संचालित नहीं हो रहा था। साथ ही महिलाओं के कक्ष में अव्यवस्था पाई गई। मौके पर सुरक्षा गार्ड कमल गोले और खानसामा अंजली जमरे मिली। शेष नौ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। वृद्धों से जानकारी में पता चला कि प्रतिदिन दो ही कर्मचारी मौजूद रहते हैं। वहीं केंद्र सरकार से अब तक वृद्धाश्रम को 11.50 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हो चुका है।
वृद्धाश्रम में अनियमितता पाए जाने पर एसडीएम ने आश्रम के शशिकांत पाटिल और कमल गोले को थाने भेजा। वहीं इस दौरान महिलाओं ने एसडीएम को बताया कि पूर्व में अधिकारियों का दल संस्था के निरीक्षण के लिए आया था। तब संस्था के लोगों ने 35 महिलाओं को बुलाकर कहा था कि कोई यहां आए और पूछे तो बता देना कि हम आश्रम में ही रहते हैं। शुक्रवार को अधिकारी के निरीक्षण में सिर्फ दो महिलाएं मिलीं। इनकी आयु 50 वर्ष बताई गई है।
वही इस मामले में बड़वानी के एसडीएम घनश्याम धनगर का कहना है की नवलपुरा में वृंदावन मां वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। वहां अनियमितताएं पाई गई। मौके पर सिर्फ दो महिलाएं पाई गई। शेष कागजी खानापूर्ति की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम का पूरा रिकार्ड जब्त किया है। आश्रम संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी मौका पंचनामा बनाया है आगे उचित कार्रवाई के लिए अग्रेषित करेंगे।















