सक्ती - ब्रम्हानंद की बड़ी भविष्यवाणी, जेल नही हॉस्पिटल जाएगा कांग्रेस नेता यशवंत साहू का आरोपी बेटा योगेंद्र साहू..
सक्ती 23 फरवरी 2026 - सक्ती शहर के इतिहास पर गौर करे तो ऐसा पहली बार हुआ है कि दिनदहाड़े किसी युवती पर ज्वलनशील पदार्थ डाल कर जिंदा जलाया गया हो। लेकिन दुर्भाग्यवश यह घटना 24 जनवरी 2026 को सक्ती के एक लॉज में हुई जँहा कथित तौर पर सब्जी विक्रेता से कांग्रेस नेता बने ग्राम पंचायत सकरेली निवासी यशवंत साहू के बेटे योगेंद्र साहू ने 23 साल की दिशा मरावी को जिंदा जला दिया। लगभग 95 प्रतिशत जल चुकी दिशा मरावी ने ईलाज के दौरान 02 फरवरी 2026 को बिलासपुर के हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।
अब दिशा मरावी ने मृत्यु पूर्व पुलिस को कोई बयान दिया था या नहीं ये तो पुलिस ही जाने. लेकिन मृतिका की माँ ने जो आरोप पुलिस पर लगाये है वो काफी गंभीर है। दिशा मरावी की मौत के बाद सक्ती पुलिस काफी दबाव में है। जँहा एक तरफ मृतिका दिशा मरावी की माँ ने पुलिस पर कार्यवाही नही करने का आरोप लगाया है तो दूसरी तरफ मीडिया भी सक्ती पुलिस पर खबर दबाने का आरोप लगा रही है तो तीसरी तरफ कथित आरोपी के पिता व कांग्रेस नेता यशवंत साहू भी अपने बेटे को जेल जाने से बचाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। वही अब इस मामले में ब्रम्हानंद ने भी एंट्री मार दी है।
ब्रम्हानंद की माने तो कथित आरोपी योगेंद्र साहू के खिलाफ FIR दर्ज होते ही उसके पिता यशवंत साहू ने अपने बेटे को जेल जाने से बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। ब्रम्हानंद के मुताबिक सक्ती पुलिस ने कथित आरोपी योगेंद्र साहू के खिलाफ जिस धाराओं में केस दर्ज किया है उसमें उसका गिरफ्तार होना और न्यायायिक रिमांड में जाना 100 प्रतिशत तय है।
लेकिन अभी तक सक्ती में जैसा होते आया है की किसी भी रसूखदार आरोपी के गिरफ्तार होते ही अचानक उसकी तबियत बिगड़ जाती है और उसे जेल के बजाय हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता है जँहा वो रिमांड की अवधि में मौज करता है। और रिमांड की अवधि खत्म होने से पहले उसकी जमानत मंजूर हो जाती है। जिसके बाद रसूखदार आरोपी पान ठेले में खड़े होकर सिगरेट फूंकता नजर आता है। योगेंद्र साहू के मामले में भी कुछ ऐसा ही होने की प्रबल संभावना से इनकार नही किया जा सकता है।
















