सक्ती - इधर वन विभाग और प्रसासन गहरी नींद में सो रहा और उधर भू माफिया वांटेड वन भूमि पर कर रहा कब्जा
सक्ती 21फरवरी 2026 - एक वक्त था कि जब भू-माफिया शहर में रह कर दुसरो की और सरकारी जमीन पर अपने रसूख और पैसों के दम पर अवैध कब्जा किया करते थे। लेकिन अब बदलते समय के साथ ग्रामीण अंचलों में भी भू-माफिया पैदा हो गए जिनकी गिद्ध नजर वन भूमि पर है।
एक ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत मोहगांव के आश्रित ग्राम घोघरा से सामने आया है जँहा भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" लगातार घोघरा की वनभूमि को समतल कर उसमें अवैध कब्जा कर रहा है। घोघरा के ग्रामीणों की माने तो भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" लगातार बड़े झाड़ के जंगल पर JCB चला कर ना सिर्फ जंगल की कटाई कर रहा है बल्कि वन भूमि को समतल कर उसमें अवैध कब्जा भी कर रहा है।
सरकारी रिकॉर्ड में ग्राम घोघरा के खसरा नंबर 156 /1 , 228/1 , 228/2 , 228/3 की भूमि बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है और इस जमीन पर सैकड़ों हरे भरे पेंड लगे हुए जिसकी कटाई कर भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" उस पर अवैध कब्जा कर रहा है। खास बात यह है कि लगातार खबरे प्रकाशित होने और शिकायत के बाद भी ना तो वन विभाग भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" पर कोई एक्सन ले रहा है और ना जिला प्रशासन जिसकी वजह से भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" का हौसला लगातार बुलंद होते जा रहा है।
आरोप तो यह भी लग रहा है कि भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" ने वन विभाग के बड़े अधिकारी और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का जेब गर्म कर चुका है और वह हर महीने एक निश्चित रकम भी उन्हें पंहुचता है। इन आरोपो की काफी हद तक इसलिए बल मिलता है कि अगर कोई आम आदमी एक हरा भरा पेंड काट दे तो वन विभाग उस पर चढ़ाई कर देता है लेकिन भू-माफिया राजू दास महंत उर्फ "वांटेड" तो पूरा जंगल उजाड़ रहा है मगर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के कानो में जूं तक नही रेंग रही है।
















