छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने पलटा पूर्व के भूपेश सरकार का एक और फैसला , बंद योजना को फिर किया शुरू
रायपुर , 08-03-2024 8:08:07 PM
रायपुर 08 मार्च 2024 - छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार का फिर एक फैसला पलट दिया है। भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 2020 में अधिसूचना जारी करके बीजेपी सरकार की एक योजना को बंद कर दिया था। अब साय सरकार ने फिर उस योजना को चालू करने की अधिसूचना जारी की है।
बता दें कि पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह की सरकार में मीसा बंदियों को पेंशन दिया जाता था। 2018 में जैसे ही कांग्रेस सत्ता में आई मीसा बंदियों का पेंशन बंद कर दिया गया और 2020 में दो अलग-अलग अधिसूचना जारी कर इस योजना को ही बंद कर दिया गया। अब बीजेपी की मौजूदा सरकार ने इस योजना को निरस्त करने वाली कांग्रेस सरकार की दोनों अधिसूचनाओं को निरस्त कर दिया है।
बता दे कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीसा बंदियों को फिर से पेंशन देने की घोषणा की थी। इसी सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में पेंशन देने के फैसले पर मुहर लगई गई है। अफसरों ने बताया कि मंत्रि परिषद की बैठक में लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) की सम्मान निधि को फिर से प्रारंभ करने और बकाया राशि प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
प्रदेश में 2018 की स्थिति में 430 लोकतंत्र सेनानियों /आश्रितों को प्रतिवर्ष करीब 9 करोड़ रूपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती थी। एक माह से कम अवधि के निरूद्ध व्यक्तियों को 08 हजार रूपए प्रतिमाह , एक से 5 माह तक के निरूद्ध व्यक्तियों को 15 हजार रूपए प्रतिमाह तथा पांच माह तथा अधिक निरूद्ध व्यक्तियों को 25 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाता था।
















