अब विवादों में घिरा CGPSC 2023 की प्रारंभिक परीक्षा , शून्यकाल में उठा मुद्दा , परीक्षा नियंत्रक का हुआ तबादला
रायपुर , 21-02-2024 7:52:57 PM
रायपुर 21 फरवरी 2024 - छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से हाल ही में संपन्न हुई प्रारंभिक परीक्षा भी अब सवालों के घेरे में है। इस परीक्षा में सामने आई गड़बड़ी के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा नियंत्रक का ट्रांसफर कर दिया. अब यह मुद्दा विधानसभा में भी उठ गया है। यहीं नहीं भाजपा विधायक ने भी कठोर कार्रवाई की मांग की है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने CGPSC परीक्षा में गलत उत्तर दिए जाने का मामला शून्यकाल में उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मामले में परीक्षा नियंत्रक को स्थानांतरित कर दिया गया है, इससे यह मामला काफी गंभीर प्रतीत होता है। उन्होंने इस मामले में चल रहे CBI जांच में इसे भी जोड़ने की मांग की।
CGPSC परीक्षा 2023 में गड़बड़ी के मामले को लेकर मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि, सुशासन को समर्पित हमारी सरकार! अब युवाओं को न्याय के लिए इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। पिछले दिनों लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सामने आई गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए परीक्षा नियंत्रक का तबादला किया है। हमारी सरकार युवाओं के साथ है और हर एक परीक्षार्थी को पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध करवाना हमारा कर्तव्य है।
परीक्षा नियंत्रक के तबादले से नाखुश और मंत्री ओपी चौधरी के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने लिखा है, सिर्फ़ तबादला! इससे काम नही चलेगा। युवाओं के साथ किये गये इस बड़े धोखे के लिये इन पर कार्यवाही हो। जांच जल्द पूरी हो और कार्यवाही सुनिश्चित हो तब ही सुशासन का संकल्प पूर्ण होगा।
दरअसल, 11 फरवरी को आयोग की ओर से CGPSC 2023 की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के कुछ दिन बाद मॉडल आंसर जारी किया गया। छात्रों ने दावा किया है कि, मॉडल आंसर में कई प्रश्नों के गलत उत्तर दिए गए है। जैसे कि, आयोग ने सबसे छोटा जिला गौरेला - पेंड्रा - मरवाही को बताया है वहीं दावा किया गया है कि दुर्ग सबसे छोटा जिला है। छत्तीसगढ़ राज्य कितने राज्यों को छूता है? के सवाल में छात्रों ने 7 राज्यों का दावा किया है जबकी मॉडल आंसर में 6 राज्य बताया गया है। लिंगानुपात में महिलाओं की ज्यादा संख्या के सवाल पर कांकेर जिले को आंसर में बताया है, छात्रों ने कोंडागांव जिले पर दावा किया है।
















