कलेक्टर का बड़ा खेला , आत्मानंद स्कूल के शिक्षक को बना दिया जनपद का CEO , जाने यह कैसे हुआ
रायपुर , 15-02-2024 3:27:12 AM
रायपुर 14 फरवरी 2024 - सारंगढ़ कलेक्टर के एल चौहान ने नरेश चौहान को बिलाईगढ़ जनपद पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया है। इसका आदेश भी जारी हुआ मगर ऐसा गोलमोल कि उसे समझने में अच्छी-खासी मशक्कत करनी पड़ गई।
आदेश में सीधे ये नहीं लिखा है कि नरेश चौहान को CEO बनाया जाता है। बल्कि ये लिखा है कि वे प्रभारी BEO नरेश चौहान के CEO बनने के फलस्वरूप फलां चौहान को प्रभारी BEO बनाया जाता है। यह मामला कलेक्टर के अधिकार पर सवाल खड़ा करता ही है, साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि एक शिक्षक जुगाड़ में कहां से कहां तक पहुंच सकता है।
नरेश चौहान की नियुक्ति बीजापुर के लिए हुई थी। बाद में उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर अपनी पोस्टिंग गृह इलाका बिलाई गढ़ में करा लिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने पहले उन्हें प्रभारी BEO बनाया। और अब जब सरकार ने आत्मानंद स्कूल को बंद करने का फैसला लिया तो नरेश चौहान को कलेक्टर के एल चौहान ने जनपद पंचायत का CEO बना दिया। जबकि, सरकार का सीधा और सरल नियम है कि प्रतिनियुक्ति में प्रतिनियुक्ति नहीं होती।
गुरूजी अगर प्रतिनियुक्ति पर बस्तर से बिलाईगढ़ आए थे तो एक तो उन्हें प्रभारी BEO नहीं बनाया जाना चाहिए था। उसके बाद अगर सरकार ने आत्मानंद स्कूल को समाप्त कर दिया तो कायदे से प्रतिनियुक्ति स्कूल शिक्षा विभाग को सौंप देनी थी। मगर कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग के गुरूजी को पंचायत सेवा वाले विभाग में पोस्टिंग दे दी।
NPG ने इस संबंध में कलेक्टर के एल चौहान से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि नरेश चौहान को जनपद पंचायत का CEO मैंने बनाया है। उन्होने बताया कि बिलाईगढ़ जनपद पंचायत की हालत काफी खराब है। मैंने काफी विचार-विमर्श के बाद उन्हें नियुक्ति दी है। जब कोई योग्य CEO की नियुक्ति हो जाएगी, उन्हें हटा दिया जाएगा।
जबकि, जानकारों का कहना है विशेष परिस्थितियों में कलेक्टर प्रभारी CEO की नियुक्ति कर लेते हैं मगर वह पंचायत सेवा का होना चाहिए या फिर जिले में कोई डिप्टी कलेक्टर हो उसे चार्ज दिया जाता है। क्योंकि, जनपदं पंचायत में लाखों- करोड़ों के निर्माण कार्यों के चेक कटते हैं।















