छत्तीसगढ़ - कौन है ' राजा ', जिसने सबको चौकाया , आखिर कैसे लगा राजा के नाम पर मुहर , पढ़े पूरी खबर
रायपुर , 12-02-2024 5:38:24 AM
रायपुर 12 फरवरी 2024 - छत्तीसगढ़ से राज्यसभा प्रत्याशी के रुप में बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व ने राजा देवेंद्र प्रताप सिंह का नाम घोषित किया है। राज्यसभा प्रत्याशी के लिये नामों की सूची आने के कुछ देर तक यह गफ़लत रही कि, आखिर यह कौन राजा देवेंद्र प्रताप सिंह हैं। क़रीब बीस मिनट बाद बीजेपी मीडिया सेल ने स्पष्ट किया कि यह देवेंद्र प्रताप सिंह रायगढ ज़िले के लैलूंगा से जिला पंचायत सदस्य हैं।
बीजेपी केंद्रीय कार्यालय से जारी राज्यसभा प्रत्याशी सूची में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में राजा देवेंद्र प्रताप सिंह लिखा हुआ होने से भ्रम की स्थिति हो गई। राजा देवेंद्र प्रताप सिंह नाम को यूपी के गोरखपुर से आने वाले एमएलसी सदस्य के रूप में समझ लिया गया। क़रीब बीस मिनट बाद खुद बीजेपी प्रदेश कार्यालय यह स्पष्ट रुप से बता पाया कि यह देवेंद्र प्रताप सिंह रायगढ जिले के लैलूंगा वाले देवेंद्र प्रताप सिंह हैं, जो जिला पंचायत सदस्य हैं।
रायगढ़ के देवेंद्र प्रताप सिंह नाम के आगे राजा नहीं लगाते हैं लेकिन सूची में राजा लिखे होने से भ्रम की स्थिति बन गई और मसला यूपी की ओर घुम गया। रायगढ़ जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह रायगढ़ पैलेस से संबंध रखते हैं। राजपरिवार के दायित्व क्रम में वे राजा नहीं है और इसलिए राजा नहीं लिखते हैं।
बीजेपी के लंबे समय तक संगठन मंत्री रहे और पूर्व में संघ के विभाग प्रचारक दायित्व को निभा चुके रामप्रताप सिंह का नाम राज्यसभा प्रत्याशी के रुप में दौड़ में था, वे डॉ रमन सिंह के आख़िरी कार्यकाल में वनौषधि बोर्ड के अध्यक्ष भी थे। रामप्रताप सिंह के अलावा कई दिग्गजों के नाम चर्चाओं में थे जिनमें भिलाई से पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडेय का नाम भी शामिल बताया गया था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने एक बार फिर चौंकाने वाला फ़ैसला लेते हुए ऐसा नाम सामने लाया कि, जिसके बारे में खुद बीजेपी प्रदेश कार्यालय को स्पष्ट होने में कुछ वक्त लग गया।
केंद्रीय नेतृत्व का यह फ़ैसला कितना चकित करने वाला था इसे इस बात से समझिए कि खुद देवेंद्र प्रताप सिंह को दूर दूर तक आभास नहीं था कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय कर चुकी है। हालिया दिनों देवेंद्र प्रताप सिंह ने रायगढ लोकसभा सीट के लिए दावेदारी का आवेदन पर्यवेक्षक धर्मजीत सिंह को दिया था।















