छत्तीसगढ़ - आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मिलता था हर महीने 50 लाख का कमिसन , ED ने किया खुलासा
रायपुर , 31-01-2024 12:46:06 AM
रायपुर 30 जनवरी 2024 - छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटला मामले में ACB ने अब तक पूर्व मंत्री कवासी लखमा , मेयर एजाज ढेबर के भतीजे अनवर और उमेर ढेबर सहित 70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, ED ने 2161 करोड़ रुपए के पूरे घोटले का मास्टर माइंड तीन लोगों को बताया है जिनका नाम A से शुरू होता है।
इसे ED ने ट्रिपल A नाम दिया है। ट्रिपल A को डिकोट करने के बाद अनिल टुटेजा , अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी का नाम सामने आया है। वहीं, ACB ने अपने FIR में पूर्व मंत्री कवासी लखमा को 50 लाख रुपए प्रति माह कमीशन के तौर पर मिलने का जिक्र किया है।
ED ने अपने चार्जशीट में जिक्र करते हुए कहा है कि शराब घोटाले की पूरी जानकारी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी थी। उन्हें भी कमीशन के तौर पर अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा दिया जाता है। ED की मानें तो कवासी लखमा को महीने में 50 लाख रुपए का भुगतान किया जाता था। न सिर्फ पूर्व मंत्री कवासी लखमा को बल्कि तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास को महीने के 50 लाख रुपए अवैध कमाई के मिलते थे।
ED की चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि घोटाले से जुड़े कैश कलेक्शन का काम अनवर ढेबर किया करता था। अनवर ढेबर ने प्रशासनिक अफसरों में अपने प्रभाव का भरपूर फायदा उठाया और अपने करीबीयों को ऐसे जगह पर नियुक्ति दिलाई जो इस पूरे कारनामे को अंजाम देने में उसका साथ दे सके।
कहा ये भी गया है कि अनवर ढेबर के पूरे तंत्र को IAS विवके ढांढ का संरक्षण प्राप्त था, जिसके बादले काली कमाई का शेयर दिया जाता था। ED की FIR में अनिल टुटेजा के बेटे यश टुटेजा का भी नाम है।















