छत्तीसगढ़ की साय सरकार इस कानून में करने जा रही है संसोधन , अब 10 साल तक कि सजा का होगा प्रावधान
रायपुर , 30-01-2024 5:01:23 PM
रायपुर 30 जनवरी 2024 - छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार मतांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रविधानों को सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार के विधि विभाग ने अन्य राज्यों में लागू मतांतरण विरोधी कानूनों का अध्ययन शुरू कर दिया है। विधि विभाग के सूत्रों के अनुसार संशोधित कानून में 10 साल तक की सजा का प्रविधान भी शामिल किया जा सकता है। मौजूदा अधिनियम में मतांतरण के दोषी पाए लोगों को तीन साल की जेल की सजा और 20,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रविधान है।
संविधान के प्रविधानों पर गौर करें तो मतांतरण को रोकने के लिए स्पष्ट अनुच्छेद उल्लेखित नहीं है, बल्कि अनुच्छेद 25 से लेकर 28 के बीच धार्मिक स्वतंत्रता उल्लेखित किया गया है, जिसमें देश के हर व्यक्ति को किसी भी धर्म को मानने की स्वतंत्रता हैं।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य की आड़ में मिशनरियां मतांतरण करा रही है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बस्तर संभाग में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। मतांतरण में मिशनरियों का बोलबाला है। सरगुजा और बस्तर में शिक्षा की अलग जगाना जरूरी है। इससे मतांतरण रुकेगा परिणामस्वरूप हिंदुत्व को ताकत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री व विधि मंत्री अरुण साव ने कहा, मतांतरण रोकने के लिए जितने कड़े प्रविधानों की आवश्यकता होगी। हम वह सब करेंगे। हम कानून में संशोधन करते हुए इसे और कड़ा करने की योजना बना रहे हैं।















