छत्तीसगढ़ - अधिकारियों की लापरवाही से अटकी सरकारी नौकरियां , जाने भर्ती प्रस्ताव अटकने की मुख्य वजह,,,
रायपुर , 30-06-2023 2:42:45 AM
रायपुर 29 जून 2023 - आरक्षण विवाद थमने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न विभागों में बंपर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है, मगर कुछ विभागों के भर्ती प्रस्ताव अफसरों की लापरवाही से अटक गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से उच्च शिक्षा विभाग के 595 पदों पर प्रोफेसर भर्ती और आदिम जाति विकास विभाग के 500 पदों पर छात्रावास अधीक्षक भर्ती परीक्षा शामिल है। इन दोनों के भर्ती प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में जाने और विज्ञापन जारी होने के बाद अटक गए हैं।
भर्ती प्रस्ताव अटकने की मुख्य वजह भर्ती नियम बनाने में गड़बड़ी और परीक्षा एजेंसियों को आधी-अधूरी जानकारी देना बताया जा रहा है। कुछ मामले में अभ्यर्थियों के कोर्ट जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने की कगार पर है। इनमें प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के जरिए स्कूल शिक्षा विभाग में हो रही 12 हजार 489 शिक्षकों की सीधी भर्ती का मामला है। जिसमें अनुभवी शिक्षकों के बोनस अंक और विषयवार शिक्षकों के रिक्त पद जानकारी नहीं देने पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति की है और कोर्ट ने इस मामले में अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने को कहा है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने विभिन्न स्तर और विभागों के लिए 25 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है मगर जल्दबाजी में भेजे गए प्रस्तावों के कारण मामला अटक रहा है।
सामान्य प्रशासन विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग सचिव डी.डी. सिंह का कहना है कि भर्ती नियम के कुछ बिंदुओं को लेकर लोगों को आपत्ति होती है। इसके कारण ज्यादातर मामले न्यायालय पहुंच जाते हैं। इसलिए भर्ती की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निराकरण भी कर रहे हैं।
स्कूल शिक्षा प्रमुख सचिव व व्यापमं अध्यक्ष डा. आलोक शुक्ला ने बताया कि अतिथि शिक्षकों की संख्या करीब 1500 है। इसिलए भर्ती नियम में संशोधन की आवश्यकता नहीं थी। हमने केवल कुछ समय के लिए नियमों को शिथिल किया है। कोर्ट ने अंतिम नियुक्ति आदेश जारी नहीं करने को कहा है। हम अपना पक्ष रखेंगे।















