जोगी कांग्रेस को झटका , BRS ने विलय के मुद्दे पर बात करना किया बंद , अब जोगी कांग्रेस के सामने होगी यह बड़ी चुनौती
रायपुर , 29-06-2023 5:40:28 PM
रायपुर 29 जून 2023 - छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले जोगी कांग्रेस और BRS (भारत राष्ट्र समिति) के बीच पर्दे के पीछे चल रही विलय का कहानी का पटाक्षेप हो गया है. दोनों दलों के बीच बात नहीं बनी है. तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी BRS की ओर से जोगी कांग्रेस के साथ होने वाले विलय अब नहीं होगा. सागौन बंगले में बुधवार शाम हुई बैठक के बाद यह तय किया गया है कि पार्टी समान विचारधारा वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी , सर्व आदिवासी समाज , छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच आदि के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है.
2018 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले अस्तित्व में आई जोगी कांग्रेस और तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी BRS के बीच विलय की खबरों ने राजनीतिक गलियारे में सुर्खियां बटोरी थी. इस पर छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की भी नजर थी, क्योंकि किसानों के मुद्दे पर दोनों ही राज्यों की योजनाएं देश में चर्चा में हैं. खबर यह है कि कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे तेलंगाना के किसानों से जो फीडबैक सामने आया, उसमें छत्तीसगढ़ की योजनाओं को बेहतर बताया गया था. यह बात भी आई कि किसानों के हित में काम कर रही सरकार के विरुद्ध गठबंधन करने से अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
इसके बाद BRS की ओर से जोगी कांग्रेस के साथ संवाद बंद कर दिया गया. जोगी निवास सागौन बंगले में कोर ग्रुप में हुई बैठक को BRS के साथ चर्चा बंद होने के बाद आपात बैठक के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी की छवि पर कोई असर न पड़े. बैठक में तिलकराम देवांगन , अमित जोगी , महेश देवांगन , जरनैल सिंह भाटिया , ऋचा जोगी , गीतांजलि पटेल , संतोष गुप्ता , डॉ. अमीन खान , भगवानू नायक , प्रदीप साहू , रवि चंद्रवंशी आदि मौजूद थे.
संसाधन जुटाने की बड़ी चुनौती
BRS के साथ चल रही वार्ता विफल होने के बाद अब जोगी कांग्रेस के सामने फिर से संसाधन जुटाने की चुनौती रहेगी. यह माना जा रहा था कि जोगी कांग्रेस का विलय इस आधार पर किया जा रहा है कि BRS की ओर से संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. BRS के मुखिया और तेलंगाना के CM केसीआर भी दूसरे राज्यों में अपने विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ से आशान्वित थे, क्योंकि यहां पूरा संगठन का सेटअप मिल रहा था।















