प्रश्नपत्र हुआ लीक , वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी , ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और नर्सिंग भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा निरस्त
मध्य प्रदेश , 28-08-2021 10:07:03 AM
भोपाल 28 अगस्त 2021 - पीइबी (प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड) द्वारा वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और नर्सिंग भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा निरस्त कर दी गई है। इस परीक्षा के पेपर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद यह निर्णय लिया गया। प्राथमिक जांच में पेपर आउट होने में पीइबी के किसी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई गई है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी एम/एस एनएसइआइटी लिमिटेड पर कार्रवाई की जा रही है। वह आगामी परीक्षाओं का आयोजन नहीं कर सकेगी।
प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि इसी वर्ष 10 तथा 11 फरवरी को प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया गया था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के संबंध में 17 फरवरी तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया था। 18 फरवरी को विभिन्न् प्रचार माध्यमों से यह जानकारी सामने आई कि कुछ परीक्षार्थियों के अंक उनकी अन्य शैक्षणिक उपलब्यिों से अधिक आए हैं। इस पर पीइबी (पूर्व में व्यावसायिक परीक्षा मंडल) की आंतरिक समिति ने जांच की। मामला तकनीकी जांच के लिए मध्य राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम (एसइडीसी) का सहयोग लिया गया।
मिश्रा ने बताया कि एसइडीसी की जांच में पाया गया कि 31 जनवरी को करीब डेढ़ बजे, सात जनवरी को करीब नौ बजे और 10 फरवरी को करीब डेढ़ बजे किसी कंप्यूटर से प्रश्न पत्र को डाउनलोड किया गया। यह कंप्यूटर पीइबी का नहीं था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह परीक्षाएं निरस्त करने का फैसला लिया गया। यह जानने के लिए कि किस कंप्यूटर से प्रश्न पत्र डाउनलोड किया गया, आगे की जांच साइबर पुलिस को सौंपा जा रहा है।
इस जांच में पूर्व में घोषित पशुपालन विभाग की डीएएचइटी व पीवीएफटी, कृषि विभाग की पीएटी व ग्रुप-3 की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी नहीं पाई गई। इस मामले के बाद पीइबी ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2020-21 में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की इसी प्रकार जांच की जाएगी, भले ही इसकी शिकायत नहीं हुई हो। बताया गया कि इस जांच में अघोषित प्री-नर्सिंग, एएनएम, जेल प्रहरी, ग्रुप-5 पैरामेडिकल सेवाओं (24 प्रकार के पद) की भर्ती में गड़बड़ी नहीं मिली। इनके परिणाम सात व 10 अप्रैल और 12 मई को घोषित किए गए थे।
मीडिया से चर्चा के दौरान डा. मिश्रा से पूछा गया था कि व्यापम घोटाले की जांच सीबीआइ कर रही है तो यह जांच भी सीबीआइ को क्यों नहीं जाती। इस पर उन्होंने कहा कि जांच में पीइबी के किसी अधिकारी की संलिप्तता नहीं मिली है, इसलिए जांच सीबीआइ को नहीं सौंपी जा रही है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी को आगे के लिए प्रतिबंधित किया गया है। ऑनलाइन परीक्षा में दुस्र्पयोग के उदाहरण मिलते रहते हैं। भारतीय सेना की भर्ती परीक्षा फरवरी 2021, असम की पुलिस भर्ती सितंबर 20, हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की परीक्षा जनवरी 21, कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन की जनवरी 2021 और राजस्थान सिलेक्शन बोर्ड की परीक्षा जनवरी 2020 में इन्हीं कारणों से निरस्त करनी पड़ी थी। मालूम हो, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी एम/एस एनएसइआइटी लिमिटेड दिल्ली, तमिलनाडु, ओडिशा, बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं गुजरात जैसे राज्यों में विभिन्न् परीक्षाएं आयोजित कर चुकी है।
भविष्य में पुन: इस प्रकार की कोई अनधिकृत गतिविधि ऑनलाइन परीक्षा संचालन में न हो, इसके लिए पीइबी ने नई आंतरिक व्यवस्था की है। साथ ही प्रत्येक परीक्षा के पश्चात उसकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं परिणाम डाटा की आंतरिक जांच के लिए भी नई प्रक्रिया सुनिश्चित की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने ट्वीट किया कि इन परीक्षाओं को लेकर पहले दिन से ही फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ रही थीं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस मामले को तत्काल सीबीआइ को सौंपा जाए, क्योंकि इन परीक्षाओं से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ था। इन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है।















