कोरोना सर्वे के लिए गाँव मे गई शिक्षको को ग्रामीणों ने घेर कर पीटा , किसी तरह जान बचा कर भागे शिक्षक
मध्य प्रदेश , 18-04-2021 6:27:34 PM
उदयगढ़ ( मध्यप्रदेश ) 18 अप्रैल 2021 - कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सर्वे करने गए शिक्षकों को यहां ग्रामीणों के आक्रोश का शिकार होना पड़ा है।
विकासखंड क्षेत्र के छारवी-उमेरी ग्राम सीमा पर शनिवार सुबह 11.30 बजे सर्वे कार्य में लगे तीन शिक्षकों को 8-10 ग्रामीणों ने घेर लिया। दो शिक्षक जैसे-तैसे मौके से भाग निकले जबकि भागने में नाकाम एक शिक्षक को ग्रामीणों ने इतनी बेरहमी से मारा कि उनका बायां हाथ तीन जगह से फ्रेक्चर हो गया। शरीर में अन्य जगह भी चोट आई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार उपरांत घायल शिक्षक को रेफर किया गया। मामला पुलिस थाने में दर्ज करवाया गया है।
जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल को जिला पंचायत सीईओ संस्कृति जैन ने कोरोना से बचाव के लिए जमीनी स्तर के सर्वे कार्य में जिले भर के शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई थी। 16 से 18 अप्रैल के मध्य 14 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित करने के लिए उदयगढ़ विकासखंड के 530 शिक्षक-शिक्षिकाएं ड्यूटी पर लगाये गए थे बताया जाता है कि उक्त सर्वे कार्य में निर्वाचन की तरह स्थानीय शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाकर अन्य स्थानों पर उन्हें भेजा गया है जिससे उन्हें परेशानी उठाना पड़ रही है।
नवीन प्राथमिक विद्यालय अखोली के शिक्षक गजराज सिंह कनेस को सर्वे के लिए देहदिया फलिया ग्राम उमेरी का आदेश प्राप्त हुआ था। इसी तरह माध्यमिक शाला तलावद के शिक्षक दुलेसिंह कनेस तथा प्राथमिक विद्यालय छोटी जुआरी के शिक्षक कलम सिंह कनेश को ग्राम छोटी झीरी में सर्वे का कार्य सौंपा गया था। तीनों ही शिक्षक साथ में जा रहे थे।
छारवी-उमेरी ग्राम की सीमा पर खड़े ग्रामीणों से शिक्षक गजराज कनेस ने अपने सर्वे स्थान का पता पूछा। कोरोना के सर्वे की बात जानकर वह लोग नाराज हो गए। उन लोगों का कहना था कि तुम सर्वे करोगे और उसके बाद इलाज के नाम पर गांव वालों को और कहीं ले जाया जाएगा। इसी से नाराज होकर उन्होंने लाठी और पत्थर से हमला कर दिया। यहां गजराज कनेस घिर गए और उन्हें गंभीर चोट आई हैं। शेष दो अन्य शिक्षक किसी तरह बचकर निकले।
कलेक्टर के 14 अप्रैल को जारी कोरोना कर्फ्यू आदेशानुसार सभी शासकीय एवं निजी कार्यालय बैंक, किओस्क सेंटर इत्यादि बंद हैं, वहीं अगले दिन जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षकों की सर्वे कार्य में ड्यूटी लगा दी। अपने शिक्षक साथी के साथ हुई मारपीट की घटना से अन्य शिक्षकों में भय और आक्रोश है। शिक्षकों का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए स्थानीय शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पंचायत कर्मी की ड्यूटी लगाई जाना चाहिए थी, जिससे सर्वे में कोई परेशानी नहीं आती। नई जगह में शिक्षक-शिक्षिकाओं को इधर-उधर पूछताछ कर पहुंचना पड़ रहा है। शनिवार को शिक्षक के साथ हुई मारपीट की घटना से अब डर और आक्रोश का माहौल है।














