छत्तीसगढ़ PDS घोटाला मामला - सुप्रीमकोर्ट में ED का दावा, जमानत देने वाले जज के संपर्क में थे आरोपी
रायपुर , 06-08-2024 6:09:55 AM
रायपुर 06 अगस्त 2024 - छत्तीसगढ़ के नागरिक आपूर्ति निगम (PDS) घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर दावा किया है कि आरोपी रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला को 16 अक्टूबर, 2019 में अग्रिम जमानत देने वाले हाई कोर्ट के एक तत्कालीन जज इनके संपर्क में थे। जज से संपर्क बनाने में उनके नौकरशाह भाई और तत्कालीन एजी ने लाइजनर की भूमिका निभाई थी।
हालांकि ED के एक अगस्त के हलफनामे में संबंधित जज का नाम नहीं है, लेकिन वाट्सएप चैट विवरण में उनका नाम शामिल है। ED की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामा में दावा किया गया है कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की सरकार ने मामले को कमजोर करने के लिए सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी।
मुकदमे को पटरी से उतारने की कोशिश की गई। मामले की जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। वाट्सएप संदेशों के आदान-प्रदान से पता चला है कि जज की बेटी और दामाद का बायोडाटा तत्कालीन एजी द्वारा अनुकूल कार्रवाई के लिए टुटेजा को भेजा गया था।
ED की ओर से कहा गया है कि आरोपी व्यक्ति अनुसूचित अपराध में अन्य मुख्य आरोपियों की भूमिका को कमजोर करने के लिए सह अभियुक्त शिव शंकर भट्ट के मसौदा बयान को साझा करने और संशोधित करने में शामिल थे।
















