छत्तीसगढ़ में फर्जी विकलांग अधिकारियों की भरमार , इस आरोप के बाद मचा हड़कंप , दिव्यांग सेवा संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
रायपुर , 26-07-2024 2:12:58 AM
रायपुर 25 जुलाई 2024 - IAS पूजा खेड़कर के फर्जीवाड़े का मुद्दा पूरे देश में गरमाया हुआ है। लोकसभा में भी इस मुद्दे की गूंज सुनायी पड़ी, लेकिन खुलासा हो रहा है कि सिर्फ पूजा खेड़कर ही नहीं, दिव्यांगता के नाम कई अन्य राज्यों में अधिकारियों को ने झोल किया है। छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ की तरफ से किया गया है।
इस मामले में संघ ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया है कि छत्तीसगढ़ में 21 अफसरों ने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। संघ ने जिन अधिकारियों की सूची मीडिया में दी है, उसमें 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखा अधिकारी, 3 नायब तहसीलदार, 2 सहकारिता निरीक्षक, 3 वेटनरी डाक्टर शामिल हैं।
संघ के अध्यक्ष हितराम चंद्राकर ने आरोप लगाया गया है कि लोरमी में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गुलाब सिंह राजपूत, मुंगेली के चिकित्सक एम.के. राय और बिलासपुर के हेल्थ ज्वाइंट डायरेक्टर प्रमोद महाजन की मिलीभगत से ये किया गया है। संघ ने इन अफसरों को बर्खास्त कर जेल भेजने की मांग की है।
दिव्यांग सेवा संघ ने चेतावनी दी है कि सरकार ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, वो आंदोलन को मजबूर होंगे। 15 दिन का वक्त सरकार को दिया गया है। संघ ने कहा कि 21 अगस्त को प्रदेश के दिव्यांग रायपुर में आंदोलन कर सीएम हाउस तक पैदल मार्च करेंगे।
संघ ने कहा कि 2 साल पहले भी कृषि विभाग के 52 कृषि विस्तार अधिकारी, उद्यान विभाग के 11 ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, मुंगेली जिले के 39 अधिकारी और कर्मचारी, जल संसाधन विभाग के 10 SE, , पीडब्ल्यूडी के 15 SE के खिलाफ शिकायत की गयी थी, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी।
















