सस्पेंशन के बाद भी कम नही होगी बलौदाबाजार के तत्कालीन कलेक्टर और SP की मुश्किलें
रायपुर , 15-06-2024 6:36:36 AM
रायपुर 15 जून 2024 - बलौदाबाजार के तत्कालीन कलेक्टर कुमार लाल चौहान और पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार की सस्पेंशन के बाद भी मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। राज्य सरकार उन दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार कर रही है। जाहिर है कि सस्पेंशन से आगे भी राज्य सरकार इन अफसरों पर कार्रवाई कर सकती है। राज्य सरकार इन दोनों अफसर से इसलिए खफा है क्योंकि समय रहते इन्होंने एक्शन नहीं लिया।
ये बात भी बिल्कुल सही भी है कि बलौदाबाजार हिंसा के मामले में पुलिस प्रशासन का रवैया बिल्कुल ही ढीला था। ना प्रशासनिक तौर पर सतर्कता थी और ना ही पुलिस के तौर पर व्यवस्था थी। दोनों अफसर के बहुत ही केजुअल अप्रोच की वजह से ही हजारों की भीड़ ने घंटों तक कलेक्टरेट में जो चाहा वो किया। करोड़ों का नुकसान हुआ सो हुआ ही, सरकार की पूरे देश में किरकिरी भी करा दी।
लिहाजा सरकार ने पहले कलेक्टर और एसपी को हटाया और अब दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। राज्य सरकार अब इन दोनों के खिलाफ और भी कार्रवाई करने जा रही है। हालांकि वो कार्रवाई किस तरह की होगी, उसे लेकर अभी साफ नहीं है, लेकिन इतना तो तय है कि अभी इन दोनों अफसरों की मुश्किलें कम नहीं होने वाली है।
यह लिखा है राज्य सरकार ने अपने आदेश में..
कलेक्टर के. एल. चौहान के सस्पेंशन आर्डर में लिखा गया है कि कुमार लाल चौहान भाप्रसे 2009 तत्कालीन कलेक्टर जिला बलौदाबाजार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई विचाराधीन है। अतएव राज्य सरकार कुमार लाल चौहान को अखिल भारतीय सेवाएं नियम 1969 के नियम 3 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए निलंबित करता है।
वहीं एसपी सदानंद कुमार के सस्पेंशन आदेश में लिखा गया है कि सदानंद कुमार भापुसे 2010 तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार वर्तमान पदस्थापना उप पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय रायपुर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई विचाराधीन है। अत: अखिल भारतीय सेवा नियम 1969 के नियम 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। सदानंद कुमार को निलंबन अवधि में बिना सक्षण प्राधिकारी के मुख्यालय नहीं छोड़ने का भी निर्देश है।
















