छत्तीसगढ़ - निजी स्कूल के संचालक RTE के नाम पर कर रहे थे बड़ा खेला , साय सरकार ने कसी नकेल
रायपुर , 25-05-2024 6:53:44 AM
रायपुर 25 मई 2024 - छत्तीसगढ़ में सरकार शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) में प्राइवेट स्कूलों का खेला समझ गई है। एक-एक कर इस मामले में सरकार शिकंजा कसने की तैयारी में है। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परेदशी ने ड्राप आउट पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं, कलेक्टरों को बीते 5 साल के ड्राप आउट की समीक्षा करने के लिए कहा है। इससे प्राइवेट स्कूलों की चिंता बढ़ गई है। सरकार की तरफ से बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अब अफवाह उड़ाना शुरू कर दिया है। आरोप लगा रहे हैं कि सरकार RTE का भुगतान नहीं कर रही है।
प्राइवेट स्कूलों की तरफ से भुगतान नहीं किए जाने को लेकर उड़ाई जा रही अफवाहों का सरकार ने भी तथ्यों के साथ जवाब दिया है। शिक्षा विभाग के अफसरों ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की तरफ से यह प्रचारित किया जा रहा है कि RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों का 285 करोड़ रुपये लंबित है। यानी सरकार नहीं दे रही है।अफसरों ने 285 करोड़ लंबित होने के आरोपों की सच्चाई बताई है।
अफसरों ने बताया कि जनवरी 2024 से अप्रैल 2024 तकं वर्ष 2022-23 हेतु नर्सरी से 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि 185.91 करोड़ और कक्षा 9वीं से 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि 20.71 करोड़ के विरूद्ध कुल 134 ,30, 27 ,339 रुपये निजी विद्यालयों के खाते में ट्रांसफर किया जा चुका है। वर्ष 2022-23 में शेष लंबित राशि लगभग 70.00 करोड़ के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी तरह वर्ष 2023-24 की प्रतिपूर्ति के लिए सत्रांत अगस्त का समय निर्धारित है। विद्यालयों द्वारा समय-सीमा में दावा किए जाने के पश्चात् शुल्क प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान के लिए कार्यवाही की जावेगी।
अगले भाग में जाने कैसे चल रहा था पूरा खेला??..
















