छत्तीसगढ़ - आरक्षण बिल लेकर रात में ही पांच मंत्री पहुंचे राजभवन , रात ज्यादा होने की वजह से नहीं हो पाया हस्ताक्षर
रायपुर , 03-12-2022 11:00:33 AM
रायपुर 03 दिसंबर 2022 - आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार त्वरित कार्रवाई के मूड में है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में आरक्षण संशोधन विधेयक पास होने के बाद रात करीब 9 बजे से ही विधेयक को राजभवन पहुंचा दिया गया। अहम बात ये है कि खुद सरकार के पांच मंत्री इस विधेयक को लेकर राज्यपाल के पास पहुंचे। सरकार की मंशा थी कि राज्यपाल आज ही विधेयक पर हस्ताक्षर कर दें, लेकिन ज्यादा रात हो जाने की वजह से विधेयक पर राज्यपाल का हस्ताक्षर नहीं हो पाया।
इससे पहले आज रात करीब 9 बजे छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ मंत्री कवासी लखमा के नेतृत्व में संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे , मोहम्मद अकबर और शिव डहरिया राजभवन पहुुंचे और राज्यपाल को पारित हुए आरक्षण प्रस्ताव सौंपे। मुलाकात के बाद लौटे मंत्री लखमा ने कहा कि
राज्यपाल को हमने आरक्षण का प्रस्ताव दे दिया है, राज्यपाल इसमें जल्द मुहर लगायेगी। अब मुझे इस्तीफा देना नहीं पड़ेगा। आरक्षण बिल पास नहीं होता तो मुझे इस्तीफा देना पड़ता, लेकिन अब आरक्षण बिल पास हो गया है तो मुझे इस्तीफा देना नहीं होगा, मैं बहुत खुश हूं। राज्यपाल ने भी कहा कि आज कवासी लखमा बहुत खुश हैं, तो मैंने उनसे कहा कि मुझे अब इस्तीफा नहीं देना होगा, आरक्षण लागू होगा, इसलिए मैं खुश हूं।
वहीं वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि जल्द ही राज्यपाल आरक्षण बिल पर मुहर लगायेगी, इसकी उम्मीद है। आज रात ज्यादा हो गयी थी, इसलिए हस्ताक्षर नहीं हो पाया है, लेकिन जैसे ही हस्ताक्षर होगा तुरंत हम लोग नोटिफिकेशन जारी कर देंगे और आरक्षण खत्म होने की वजह से जो जो काम रूके हुए थे, उसे लागू कराया जायेगा। विज्ञापन भी जारी होंगे और शैक्षणिक संस्थानों में भी लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक 2022 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज का दिन बहुत विशेष दिन है। क्योकि आज महत्वपूर्ण और विशेष निर्णय हुए हैं इसलिए विधानसभा के सत्र को विशेष सत्र कहा गया। आरक्षण संशोधन विधेयक में अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसी प्रकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। सदन में आज दो विधेयक छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियो, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गाें के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2022 तथा छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2022 सर्वसम्मति से पारित किया गया।
















