बड़ी खबर , छत्तीसगढ़ के 1,917 स्वास्थ्य केंद्रों का पानी नहीं है पीने के लायक , पेयजल शुद्धता की जाँच में हुआ खुलासा
रायपुर , 21-08-2022 8:01:25 PM
रायपुर 21 अगस्त 2022 - स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तरफ से पेयजल शुद्धता की कराई गई जांच में प्रदेश के 1,917 शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं (सामुदायिक/उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) का पानी दूषित मिला है। इसमें रायपुर के 61 केंद्र शामिल हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अवर सचिव राजेंद्र सिंह गौर ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव और जल जीवन मिशन के संचालक को स्वास्थ्य संस्थानों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवसर सचिव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र जारी किया है।
पेयजल दूषित होने की सबसे ज्यादा समस्या उप स्वास्थ्य केंद्रों में है। करीब 90 प्रतिशत उप स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल दूषित मिला है। राजनांदगांव जिले में सर्वाधिक 263 स्वास्थ्य संस्थानों के पेयजल दूषित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्षा का मौसम शुरू होने से पहले मई-जून में स्वास्थ्य संस्थानों में नल के जरिए आपूर्ति किए जाने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता जांच कराई गई थी।
स्वास्थ्य संस्थानों से पेयजल के नमूने एकत्रित करने के बाद विभिन्न् मानदंडों जैसे-रासायनिक परीक्षण, विषाक्त पदार्थ और बैक्टीरिया आदि की मौजूदगी के हिसाब से परीक्षण किया गया था। मानक ब्यूरो के निर्धारित मानदंडों को पूरा करने के मामले में बहुत सारे सैंपल फेल हुए हैं।
इन जिलों के ज्यादा स्वास्थ्य संस्थान, जहां दूषित मिला पानी
राजनांदगांव- 263
जशपुर- 154
गरियाबंद- 113
कोंडागांव- 112
रायगढ़-108
सुरजपुर- 97
बलौदाबाजार-84
बिलासपुर- 69
दुर्ग- 27
प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्र
उपस्वास्थ्य केंद्र-5206
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- 793
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- 753
सिविल अस्पताल- 20
जिला चिकित्सालय- 25
रायपुर के इन उपस्वास्थ्य केंद्रों का पानी पीने लायक नहीं
अभनुपर : चंडी, रवेली, उपरवारा, निमोरा, पचेड़ा, हसदा, मानिकचौरी, चंपारण, तामासिवनी, पारागांव, गिरोला, बेलर, ढोढरा, टेकारी।
आरंग : भैसा, भैसमुडी, भंडारपुरी, छटेरा, मोखला, खौली, मालीडीह, टेकारी, बडगांव, बहनाकाडी, चीचा, कुरूद, पलौद, राखी, सिवनी, अकोलीकला, बनरसी, रानीसागर, परसदा, रीवां।
धरसीवां : चरौदा, टेकारी, बरौदा, दतरेंगा, डोमा ।
तिल्दा : बिलाडी, भिंभौरी, चांपा, मढ़ी, मूरा, बेलदार सिवनी, बुडेनी, ईल्दा, फरहदा, केशला, मोवा, सरोना ।
रायपुर शहरी: मोवा, सरोना, रायपुरा, लालपुर, भनपुरी, गोगांव, लाभांडी, बोरियाकला, आमासिवनी, कचना, तुलसी, डुंडा।
स्वास्थ्य विभाग व संचालक, महामारी नियंत्रण डा. सुभाष मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों के पेयजल शुद्धता की जांच कराई गई थी। मई-जून में सैंपल लिए गए थे। कई केंद्रों के सैंपल अमानक मिले हैं। स्वास्थ्य संस्थानों को अमृत मिशन योजना से जोड़ने के लिए पत्र लिखा गया है।
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